अंजली कुमारी दास
रानीगंज,पश्चिम बंगाल
मेरी उड़ान अभी बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है
मैं कौन हूँ, कैसी हूँ
यह पहचान में कैसे हूँ
मैं कहाँ से आयी हूँ ये प्रमाण में कैसे दूँ
पर इतना कह सकती हूँ कि
मैंने हजारों लोगो की 'ना' को 'हाँ' कि है
क्योंकि मेरी उड़ान अभी बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है
ना मैं इस सृष्टि का तारा हूँ
ना मैं सबो से प्यारा हूँ
और ना ही मैं दुःखों का मारा हूँ
पर इतना कह सकती हूँ कि
मेरा जीवन आगम स्पृष्टि की भविष्य तक साकी है
मेरी उड़ान अभी बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है
फिर भी रही कई अधिकारी से वंचित
जिसे पाना अभी भी बाकी है
मेरा परिचय, छात्र कर्ग का प्रतिनिधि हूँ
मेरा जीवन छात्र वर्ग की झाँकी है
मेरी उड़ान अभी बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है।